Driverless Cars in India: भारत में ड्राइवरलेस कारों का सपना टूटा, गडकरी ने रोक लगाई

By Uday Kumar
Driverless Cars in India
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Driverless Cars in India: दुनियाभर में टेक्नोलॉजी का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर क्षेत्र में क्रांतियां हो रही हैं और परिवहन के क्षेत्र में भी ड्राइवरलेस कारें सुर्खियों में हैं। ये स्वचालित वाहन सपनों की नगरी लगते हैं, जहां बिना ड्राइवर के कारें चलेंगी और यात्रा आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगी। लेकिन, क्या यह सपना भारत की जमीनी हकीकत पर फिट बैठता है? हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बयान देकर सबके सपनों पर ठंडा पानी डाल दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक वह मंत्री हैं, भारत में ड्राइवरलेस कारों को अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके इस बयान ने देश में बहस छेड़ दी है। आइए जानते हैं कि गडकरी की चिंताएं क्या हैं और भारत में ड्राइवरलेस कारों का भविष्य कैसा दिखाई देता है?

गडकरी की चिंता जायज है?

यह सच है कि ड्राइवरलेस कारों के आने से लाखों ट्रक ड्राइवरों, टैक्सी ड्राइवरों और अन्य वाहन चालकों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं. भारत में परिवहन क्षेत्र एक बड़ा रोजगार प्रदाता है और इसमें करोड़ों लोग जुड़े हुए हैं. ऐसे में उनका भविष्य ड्राइवरलेस कारों के आने पर क्या होगा, यह एक गंभीर सवाल है.

हालांकि, यह भी सच है कि ड्राइवरलेस कारों के आने से कई सकारात्मक बदलाव भी आ सकते हैं. ये कारें दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार हो सकती हैं, क्योंकि अधिकतर दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं. इसके अलावा, ये कारें यातायात को सुचारू बनाने और ईंधन की खपत को कम करने में भी सहायक हो सकती हैं.

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भारत में ड्राइवरलेस कारों की चुनौतियां

भारत में ड्राइवरलेस कारों के आने की राह में कई चुनौतियां हैं. सबसे बड़ी चुनौती हमारा यातायात का ढांचा है. भारत की सड़कें संकरी, भीड़भाड़ वाली और खराब हालत में हैं. ट्रैफिक नियमों का पालन भी सख्ती से नहीं होता है. ऐसे में ड्राइवरलेस कारों को सुरक्षित और कुशलता से चलाना एक बड़ी चुनौती होगी.

इसके अलावा, भारत में इंटरनेट की पहुंच और स्पीड भी अभी तक विकसित देशों के बराबर नहीं है. ड्राइवरलेस कारें सेंसर और डेटा पर निर्भर करती हैं, इसलिए उन्हें सुचारू रूप से चलाने के लिए मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत होगी.

क्या है समाधान?

ड्राइवरलेस कारों के आने से होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें कई कदम उठाने चाहिए. सबसे पहले, हमें अपना यातायात का ढांचा बेहतर बनाने की जरूरत है. चौड़ी और अच्छी सड़कों, स्पष्ट ट्रैफिक नियमों और सख्ती कानून प्रवर्तन के जरिए ही ड्राइवरलेस कारों को सुरक्षित रूप से चलाया जा सकता है.

दूसरा, हमें इंटरनेट की पहुंच और स्पीड को बढ़ाने की जरूरत है. देश के हर कोने में तेज और विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए हमें निवेश करना होगा.

तीसरा, हमें ड्राइवरलेस कारों के लिए नियम और कानून बनाने की जरूरत है. यह सुनिश्चित करना होगा कि ये कारें सुरक्षित और हाई-टेक हों और सड़क पर चलने के लिए सभी मानकों को पूरा करती हों.

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I'm Uday Kumar, an accomplished author known for my insightful perspectives on the business and automotive industries. My work on Live Bharat Tak, a leading platform for business and auto news, is praised for its depth, clarity, and foresight.
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